UP Cashless Chikitsa Yojana: सरकारी कर्मचारियों को ₹5 लाख तक इलाज, नियम जानिए

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके पात्र आश्रित परिवार के सदस्यों को इलाज के खर्च से राहत देने के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना लागू की है। इस योजना के अंतर्गत लाभार्थी State Health Card की सहायता से सरकारी चिकित्सा संस्थानों और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज प्राप्त कर सकते हैं।

UP Cashless Chikitsa Yojana

सरकारी अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों में इलाज के खर्च की कोई अधिकतम वित्तीय सीमा निर्धारित नहीं है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में एक लाभार्थी परिवार को सालाना ₹5 लाख तक कैशलेस उपचार की सुविधा मिलती है।

UP State Employee Cashless Yojana: मुख्य जानकारी

योजना का विवरणजानकारी
योजना का नामपंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना
राज्यउत्तर प्रदेश
लाभार्थीराज्य कर्मचारी, पेंशनर और पात्र आश्रित
सरकारी अस्पताल में सीमाकोई अधिकतम वित्तीय सीमा नहीं
सूचीबद्ध निजी अस्पताल में सीमाप्रति परिवार ₹5 लाख प्रतिवर्ष
जरूरी दस्तावेजState Health Card
उपचार का प्रकारकैशलेस इन-पेशेंट उपचार
लागू अस्पतालसरकारी एवं आयुष्मान सूचीबद्ध निजी अस्पताल
योजना का संचालनSACHIS
हेल्पलाइन1800-1800-4444
आधिकारिक पोर्टलsects.up.gov.in

किन कर्मचारियों को मिलेगा योजना का लाभ?

योजना का लाभ उत्तर प्रदेश सरकार के पात्र नियमित कर्मचारियों, सेवानिवृत्त राज्य कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को दिया जाता है। कर्मचारी या पेंशनर के पात्र आश्रित परिवार के सदस्यों को भी State Health Card में शामिल किया जा सकता है।

आश्रित की परिभाषा, आय सीमा, वैवाहिक स्थिति और दूसरी शर्तें उत्तर प्रदेश Government Servants Medical Attendance Rules तथा संबंधित विभाग के निर्देशों के अनुसार तय होती हैं। आवेदन में शामिल प्रत्येक पारिवारिक सदस्य की जानकारी विभागीय रिकॉर्ड से मेल खानी चाहिए।

केंद्र सरकार, अन्य राज्य सरकार या निजी संस्था के कर्मचारी इस योजना के तहत स्वतः पात्र नहीं होते। इसी तरह बेसिक और उच्च शिक्षा से जुड़े कुछ शिक्षक-कर्मचारियों के लिए अलग मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना लागू हो सकती है। इसलिए शिक्षक आवेदन से पहले अपने विभाग में लागू योजना की पुष्टि करें।

सरकारी और निजी अस्पताल में कितना लाभ?

उत्तर प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेज, चिकित्सा विश्वविद्यालय, चिकित्सा संस्थान और सरकारी अस्पतालों में पात्र परिवार के कैशलेस उपचार पर अधिकतम वित्तीय सीमा लागू नहीं होती। इलाज संबंधित अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं और स्वीकृत चिकित्सा नियमों के अनुसार दिया जाता है।

आयुष्मान भारत PM-JAY में सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में परिवार को एक वित्तीय वर्ष में ₹5 लाख तक कैशलेस उपचार मिल सकता है। इलाज योजना में निर्धारित पैकेज और दरों के अनुसार किया जाता है।

योजना से संबंधित अस्पताल की जानकारी के अनुसार भी सरकारी संस्थानों में बिना अधिकतम सीमा और निजी सूचीबद्ध अस्पतालों में ₹5 लाख प्रतिवर्ष की सुविधा उपलब्ध है। योजना संबंधी विवरण में इन लाभों और State Health Card की अनिवार्यता का उल्लेख है।

क्या OPD इलाज भी कैशलेस है?

यह योजना मुख्य रूप से अस्पताल में भर्ती होकर कराए जाने वाले उपचार और निर्धारित हेल्थ बेनिफिट पैकेज पर लागू होती है। सामान्य OPD परामर्श, नियमित जांच या बिना भर्ती वाली सभी सेवाओं को अपने आप ₹5 लाख के कैशलेस कवर में शामिल नहीं माना जाना चाहिए।

किसी जांच, दवा या चिकित्सा प्रक्रिया को कराने से पहले अस्पताल के योजना डेस्क से पैकेज और पात्रता की पुष्टि करना उचित है। पहले से मौजूद बीमारी के इलाज के लिए भी संबंधित पैकेज और अस्पताल की सूचीबद्ध विशेषज्ञता देखनी चाहिए।

AYUSH इलाज को भी मिलेगा लाभ

मई 2026 में उत्तर प्रदेश सरकार ने आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी जैसी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के इन-पेशेंट उपचार को भी योजना के दायरे में लाने के निर्देश दिए। इससे लगभग 16 लाख कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद जताई गई। पहले ऐसे इलाज के लिए कर्मचारियों को भुगतान के बाद प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी।

लाभार्थी AYUSH इलाज कराने से पहले यह जांचें कि संबंधित अस्पताल, उपचार पैकेज और नई व्यवस्था पोर्टल पर सक्रिय हो चुकी है या नहीं। केवल घोषणा के आधार पर बिना पुष्टि भर्ती होने से बाद में भुगतान विवाद हो सकता है।

State Health Card क्यों जरूरी है?

योजना का लाभ लेने के लिए कर्मचारी, पेंशनर और आश्रित परिवार के सदस्यों के पास स्वीकृत State Health Card होना आवश्यक है। अस्पताल इसी कार्ड से लाभार्थी की पहचान और पात्रता सत्यापित करता है।

कार्ड में नाम, जन्मतिथि या संबंध गलत होने पर कैशलेस स्वीकृति में परेशानी आ सकती है। कर्मचारी को इलाज की जरूरत पड़ने से पहले ही अपने कार्ड और परिवार के विवरण की जांच कर लेनी चाहिए।

State Health Card के लिए आवेदन कैसे करें?

लाभार्थी आधिकारिक योजना पोर्टल पर जाकर “Apply for State Health Card” विकल्प चुनें। आधार से जुड़े मोबाइल नंबर के माध्यम से OTP सत्यापन पूरा करें। इसके बाद कर्मचारी या पेंशनर श्रेणी, विभाग, जिला, पद, DDO संबंधी जानकारी और व्यक्तिगत विवरण भरें।

आवेदन में पात्र आश्रित सदस्यों का नाम, संबंध, आधार और अन्य जरूरी विवरण जोड़ें। फॉर्म सबमिट होने के बाद संबंधित DDO या विभागीय अधिकारी द्वारा जानकारी का सत्यापन किया जा सकता है। आवेदन स्वीकृत होने और आधार आधारित KYC पूरी होने के बाद State Health Card डाउनलोड किया जा सकेगा।

अस्पताल में कैशलेस उपचार कैसे मिलेगा?

इलाज से पहले योजना में सूचीबद्ध अस्पताल का चयन करें। अस्पताल के आयुष्मान या योजना सहायता डेस्क पर State Health Card और पहचान प्रमाण प्रस्तुत करें। अस्पताल मरीज की पात्रता जांचकर निर्धारित पैकेज के लिए प्री-ऑथराइजेशन भेजेगा।

स्वीकृति मिलने के बाद पात्र पैकेज के अनुसार कैशलेस उपचार किया जाएगा। गैर-पैकेज सेवा, अतिरिक्त सुविधा या अपात्र खर्च के लिए अस्पताल अलग भुगतान मांग सकता है। ऐसी स्थिति में भुगतान से पहले लिखित विवरण प्राप्त करें।

महत्वपूर्ण सूचना: निजी अस्पताल में प्रत्येक इलाज बिना भुगतान के उपलब्ध नहीं होता। अस्पताल का सूचीबद्ध होना, संबंधित बीमारी का पैकेज उपलब्ध होना और प्री-ऑथराइजेशन मिलना आवश्यक है। सहायता के लिए SACHIS की अस्पताल सूची और हेल्पलाइन 1800-1800-4444 का उपयोग करें।

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