मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के लिए आवेदन करते समय सबसे अधिक सावधानी आश्रित पारिवारिक सदस्यों को जोड़ने में रखनी होगी। पति-पत्नी, बच्चों या माता-पिता का विवरण गलत भरने अथवा अपात्र सदस्य को आश्रित दिखाने पर आवेदन सत्यापन में रुक सकता है।

योजना के अंतर्गत पात्र शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और शिक्षा विभाग से जुड़े अन्य कार्मिक अपने पात्र आश्रितों के साथ सूचीबद्ध अस्पतालों में प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। परिवार का विवरण राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के सिस्टम से जोड़ा जाता है, इसलिए सभी सदस्यों की जानकारी आधार कार्ड के अनुसार दर्ज करना जरूरी है।
नियम 1: पति-पत्नी दोनों शिक्षक हैं तो अलग आवेदन करें
यदि पति और पत्नी दोनों योजना के अंतर्गत पात्र शिक्षक या शिक्षा विभाग के कर्मचारी हैं, तो दोनों को अपने-अपने सेवा विवरण के आधार पर अलग आवेदन करना चाहिए। किसी एक को दूसरे के आवेदन में आश्रित कर्मचारी के रूप में दर्ज नहीं करना चाहिए।
बच्चों को माता या पिता में से किसी एक के परिवार रिकॉर्ड में जोड़ना पर्याप्त हो सकता है। एक ही बच्चे को दोनों आवेदनों में जोड़ने से डुप्लीकेट रिकॉर्ड बन सकता है। ऐसी स्थिति में आवेदन फाइनल करने से पहले संबंधित BEO, BSA, DIOS या पोर्टल हेल्पडेस्क से परिवार मैपिंग की पुष्टि करना उचित रहेगा।
नियम 2: पहले से सरकारी हेल्थ कार्ड है तो डुप्लीकेट रिकॉर्ड न बनाएं
यदि परिवार का कोई सदस्य पहले से CGHS, पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना या किसी अन्य सरकारी स्वास्थ्य योजना में लाभार्थी है, तो उसका विवरण दोबारा जोड़ने से पहले लागू नियमों को देखना जरूरी है।
सरकारी योजना में पहले से दर्ज सदस्य को बिना जानकारी जांचे दूसरे परिवार में आश्रित के रूप में जोड़ने पर सत्यापन के समय डुप्लीकेट लाभार्थी रिकॉर्ड सामने आ सकता है। निजी हेल्थ इंश्योरेंस और सरकारी स्वास्थ्य योजना अलग व्यवस्थाएं हैं, लेकिन किसी अन्य सरकारी कैशलेस योजना की जानकारी आवेदन में नहीं छिपानी चाहिए।
नियम 3: कमाने वाला पति या पत्नी आश्रित नहीं माना जाएगा
आश्रित की पात्रता केवल पारिवारिक संबंध से तय नहीं होती। उसकी अपनी आय, नौकरी और आर्थिक निर्भरता भी देखी जाती है। आश्रित जोड़ने से जुड़े नियमों के अनुसार किसी आश्रित की सभी स्रोतों से कुल मासिक आय ₹3,500 से अधिक नहीं होनी चाहिए।
यदि शिक्षक का पति या पत्नी निजी कंपनी, संस्था या किसी अन्य स्थान पर नौकरी करता है और निर्धारित सीमा से अधिक आय प्राप्त करता है, तो उसे आश्रित के रूप में दर्ज नहीं करना चाहिए। आवेदन के सत्यापन के दौरान आय प्रमाणपत्र, नौकरी या ITR से संबंधित जानकारी मांगी जा सकती है।
नियम 4: पेंशन पाने वाले माता-पिता की आय भी गिनी जाएगी
माता या पिता को आश्रित के रूप में जोड़ते समय उनकी पेंशन और अन्य सभी आय स्रोतों को ध्यान में रखा जाएगा। यदि कोई अभिभावक सरकारी या निजी पेंशन प्राप्त कर रहा है और उसकी मासिक आय निर्धारित सीमा से अधिक है, तो वह आर्थिक आश्रित नहीं माना जाएगा।
यदि माता-पिता में से एक पेंशनभोगी है और दूसरा पूरी तरह शिक्षक पर निर्भर है, तो पात्रता दूसरे अभिभावक की अपनी आय और वास्तविक निर्भरता के आधार पर तय होगी। माता-पिता को जोड़ते समय आय प्रमाणपत्र और संबंध प्रमाण से संबंधित दस्तावेज तैयार रखने चाहिए।
| पारिवारिक स्थिति | क्या करना चाहिए |
|---|---|
| पति-पत्नी दोनों शिक्षक | अलग-अलग आवेदन करें |
| सदस्य के पास सरकारी हेल्थ कार्ड | डुप्लीकेट एंट्री से पहले पात्रता जांचें |
| पति या पत्नी निजी नौकरी में | आय सीमा के आधार पर आश्रित तय करें |
| माता या पिता पेंशनभोगी | पेंशन सहित कुल आय की जांच करें |
Teacher Cashless Card में Family Member कैसे जोड़ें?
सबसे पहले मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना पोर्टल खोलें और “Apply for Shikshak Cashless Chikitsa Card” विकल्प चुनें। आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आए OTP से सत्यापन करने के बाद अपना व्यक्तिगत, सेवा, जिला, ब्लॉक और विद्यालय संबंधी विवरण भरें।
Family Member से संबंधित प्रश्न के सामने “Yes” चुनकर “Add Dependent” पर क्लिक करें। आश्रित का नाम, जन्मतिथि, आधार नंबर और रिश्ता आधार रिकॉर्ड के अनुसार दर्ज करें। पत्नी के लिए WIFE/SPOUSE, पति के लिए HUSBAND/SPOUSE तथा माता-पिता के लिए MOTHER या FATHER विकल्प सावधानी से चुनें।
आवेदन जमा होने के बाद बेसिक शिक्षा से जुड़े आवेदन BEO और BSA स्तर पर तथा माध्यमिक शिक्षा के आवेदन प्रधानाचार्य और DIOS स्तर पर सत्यापित किए जा सकते हैं। पंजीकरण प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी के अनुसार अंतिम स्वीकृति के बाद लाभार्थी को SMS से Family ID प्राप्त होती है।
Family ID मिलने के बाद Ayushman App में संबंधित योजना चुनकर प्रत्येक सदस्य की आधार OTP और लाइव फोटो के माध्यम से e-KYC पूरी करनी होगी। e-KYC सफल होने पर Download विकल्प से शिक्षक और पात्र आश्रितों का कैशलेस चिकित्सा कार्ड डाउनलोड किया जा सकता है।
